निमन्त्रण
वैष्णव समाज स्नेह मिलन समारोह
नंदगांव जिला सिरोही में आयोजन
21.02.2016
महत्व पूर्ण धरा कैछुआ नंदगाव
पथमेड़ा गोशाला की पूण्य धरा।।
गाय के शरीर में देवताओं का वास व पैरों में तीर्थ स्थल होता है। महंत जी ने कहा कि जब कोई भी मनुष्य गऊ माता की धुली को अपने माथे पर लगाता है तो उसे तत्काल किसी तीर्थ स्थल के जल में स्नान करने जितना पुण्य प्राप्त होता है और सफलता उसके कदम चूमती है। जहां पर गाय रहती है वह स्थान पवित्र होकर तीर्थ स्थल के समान हो जाता है। ऐसी भूमि पर प्राण त्यागने वाला इंसान तुरन्त मुक्ति प्राप्त करता है। गाय ही भूत और भविष्य है। ये सदा रहने वाली पुष्टि का कारण व लक्ष्मी की जड है। गौ माता को जो कुछ दिया जाता है उसका पुण्य कभी नष्ट नहीं होता जो लोग गो दान करते हैं वे समस्त संकटों से मुक्त होकर दुष्कर्मो के पाप समूह से भी तर जाते हैं।
गाय के सींगो के अग्र भाग में देवराज इंद्र, हृदय में कार्तिकेय, सिर में ब्रह्मा और ललाट में शंकर, दोनों नेत्रों में चंद्रमा और सूर्य, जीभ में सरस्वती, दांतो में मरुद्गण, स्तनों में चारों पवित्र समुद्र, गोमूत्र में गंगा, गोबर में लक्ष्मी व खुरों के अग्र भाग में अप्सराए निवास करती है। उन्होंने कहा कि गाय के सींगो में चर व अचर सभी तीर्थ विद्यमान है। ललाट में देवी पार्वती व हुंकार में भगवती सरस्वती का वास है। गालों में यम व यक्ष निवास करते हैं ।।
इसलिय हम सभी का अहो भाग्य जो उस धरा पर हमारे समाज का सम्मेलन , आयोजन हो रहा हे । आप सभी परिवार सहित पधारे व् गौ माता व् संतो के दर्शन का लाभ उठावे ।।
विनीत :~
वैष्णव वैरागी एकता समिति राजस्थान
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